कोलकाता 29 अप्रैल।
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में भारी मतदान दर्ज किया गया है और राज्य ने स्वतंत्रता के बाद अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत हासिल किया है। चुनाव आयोग के अनुसार इस चरण में 91.66 प्रतिशत मतदान हुआ है।
दूसरे चरण की वोटिंग सुबह सात बजे शुरू होकर शाम तक जारी रही और शाम साढ़े सात बजे तक मतदान प्रतिशत 91.66 तक पहुंच गया। पहले चरण में 93.19 प्रतिशत मतदान के साथ दोनों चरणों को मिलाकर कुल मतदान 92.47 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो वर्ष 2011 के 84.72 प्रतिशत के पुराने रिकॉर्ड से भी अधिक है।
लिंग आधारित आंकड़ों में भी मतदान को लेकर उत्साह देखने को मिला है। महिलाओं का मतदान 92.28 प्रतिशत रहा, जो पुरुषों के 91.07 प्रतिशत से अधिक है। वहीं तीसरे लिंग के मतदाताओं की भागीदारी 91.28 प्रतिशत दर्ज की गई है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार सहित अन्य चुनाव आयुक्तों ने पूरी प्रक्रिया पर वेबकास्टिंग के माध्यम से निगरानी रखी। दूसरे चरण में सभी मतदान केंद्रों पर सौ प्रतिशत वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई थी।
चुनाव आयोग ने कहा कि उच्च मतदान दर यह दर्शाती है कि मतदाता लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं और चुनाव प्रणाली पर उनका विश्वास मजबूत है। मतदान बढ़ाने के लिए कई सुविधाएं भी लागू की गईं, जिनमें ईवीएम पर उम्मीदवारों की रंगीन तस्वीरें, मोबाइल जमा करने की व्यवस्था, नए स्वरूप की मतदाता सूचना पर्चियां और प्रत्येक केंद्र पर मतदाताओं की संख्या 1200 तक सीमित करना शामिल रहा।
इसके अलावा दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं, जिनमें व्हीलचेयर, स्वयंसेवक और परिवहन व्यवस्था शामिल है।
दोनों चरणों में कुल 294 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान हुआ, जिसमें 24 जिलों के 6.81 करोड़ से अधिक मतदाता और लगभग 2926 उम्मीदवार शामिल रहे। मतदान के लिए 85 हजार से अधिक केंद्र और 4.26 लाख से अधिक मतदान कर्मी तैनात किए गए।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह आंकड़े अस्थायी हैं और सेवा मतदाताओं व डाक मतपत्रों को शामिल करने के बाद अंतिम आंकड़े जारी किए जाएंगे।
















