वाराणसी, 28 अप्रैल
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि देश को विकसित बनाने की प्रक्रिया लगातार जारी है और इसका सबसे मजबूत आधार भारत की नारी शक्ति है। उन्होंने बताया कि लोकसभा और विधानसभा में महिला आरक्षण लागू करने का लक्ष्य उनका संकल्प है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ राजनीतिक दलों के विरोध के कारण यह काम अब तक पूरा नहीं हो सका, लेकिन वे इस लक्ष्य से पीछे नहीं हटेंगे और इसे लागू करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
बाबा विश्वनाथ की पावन नगरी काशी में आयोजित नारी वंदन सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने 6330 करोड़ रुपये की 163 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसके साथ ही उन्होंने बनारस से पुणे और अयोध्या से मुंबई के लिए दो अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई और बनास डेयरी से जुड़े लाखों दुग्ध उत्पादकों के खातों में बोनस राशि भी हस्तांतरित की।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने काशी को माता गंगा और अनेक देवियों की पावन भूमि बताते हुए माताओं-बहनों को प्रणाम किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की मजबूती से पूरा परिवार और समाज मजबूत होता है और सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने सुकन्या समृद्धि योजना सहित कई योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि महिलाओं को पहली बार संपत्ति के अधिकार और आर्थिक भागीदारी से जोड़ा गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले की सरकारों में बेटियों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब स्थिति बदली है और महिला सुरक्षा व सम्मान के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से करोड़ों महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं और डेयरी क्षेत्र ने भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
उन्होंने विपक्षी दलों पर महिला आरक्षण के विरोध का आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ दल लंबे समय से इस कानून को रोकते आ रहे हैं, लेकिन अब देश की बेटियां इनकी राजनीति को समझ चुकी हैं और मजबूत समर्थन दे रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को संसद और विधानसभा में अधिक भागीदारी देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने काशी में हो रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह शहर निरंतर प्रगति कर रहा है और विकास का पहिया लगातार आगे बढ़ रहा है।
इस अवसर पर राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री सहित कई वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
















