चित्रकूट, 30 मई ।
धार्मिक नगरी चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के संरक्षण और तटों के विकास को लेकर नमामि गंगे योजना के तहत स्वीकृत रिवर फ्रंट परियोजना तय समयसीमा बीतने के बावजूद अधूरी पड़ी है, जिससे निर्माण कार्य की गति और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। करीब 24.62 करोड़ रुपये की लागत वाली यह महत्वाकांक्षी परियोजना अभी तक पूर्ण नहीं हो सकी है।
जानकारी के अनुसार केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की नमामि गंगे योजना के अंतर्गत मंदाकिनी नदी के किनारे विभिन्न विकास कार्यों के लिए इस परियोजना को मंजूरी दी गई थी। निर्माण कार्य वर्ष 2023 में पीपीएस बिल्डर्स को सौंपा गया था, जिसे 31 दिसंबर 2025 तक पूरा किया जाना था, लेकिन निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के पांच माह बाद भी कई महत्वपूर्ण कार्य अधूरे हैं।
परियोजना के तहत आरोग्यधाम, स्फटिक शिला और मोहकमगढ़ क्षेत्रों में घाटों का विकास किया जाना है, जिसमें आरोग्यधाम में 125 मीटर, स्फटिक शिला में 75 मीटर और मोहकमगढ़ में 102 मीटर लंबे घाट शामिल हैं। इसके साथ ही आरोग्यधाम क्षेत्र में मंदाकिनी के दाहिने तट पर लगभग 600 मीटर लंबी और 7 मीटर ऊंची सुरक्षा दीवार का निर्माण भी प्रस्तावित है।
सूत्रों के अनुसार फरवरी 2026 तक इस परियोजना पर 16 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का भुगतान किया जा चुका है। निर्माण एजेंसी की ओर से भौतिक प्रगति 90 प्रतिशत से अधिक और वित्तीय प्रगति लगभग 67 प्रतिशत होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन स्थानीय स्तर पर स्थिति इससे भिन्न बताई जा रही है और कई कार्य अब भी अधूरे हैं।
स्थानीय जानकारों और तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य की स्वतंत्र जांच कराई जाए तो वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है, क्योंकि मौके पर कई संरचनाएं अधूरी दिखाई देती हैं और गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
विशेषज्ञों ने विशेष रूप से मोहकमगढ़ घाट को लेकर चिंता जताई है और कहा है कि यदि मानसून से पहले इसका निर्माण पूरा नहीं हुआ तो बरसात में मंदाकिनी नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण नुकसान की संभावना बढ़ सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस परियोजना का उद्देश्य नदी संरक्षण के साथ-साथ तीर्थ क्षेत्र के सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना था, लेकिन देरी के कारण इसके लाभ अब तक पूरी तरह सामने नहीं आ सके हैं, जिससे अब सभी की नजरें कार्य पूर्णता की दिशा पर टिकी हैं।















