भोपाल, 21 जुलाई।
भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में शहर के विभिन्न हिस्सों से आए नागरिकों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं। जनसुनवाई में करीब 128 आवेदकों ने आवेदन दिए, जिन पर एडीएम, एसडीएम और संबंधित विभागों के अधिकारियों ने सुनवाई की। कई मामलों में कलेक्टर ने तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में सबसे प्रमुख मामला कोलार के ग्राम बोरदा स्थित चिनार सेवन माइल कॉलोनी का रहा। कॉलोनी निवासी उमेश शर्मा ने करीब 900 परिवारों की ओर से आवेदन देकर बिल्डर पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए। शिकायत में कहा गया कि वर्ष 2010-11 में विकसित कॉलोनी में विकास शुल्क लेने के बावजूद पिछले 15 वर्षों से सड़क, पेयजल, सीवर लाइन, स्ट्रीट लाइट, पार्क, सुरक्षा व्यवस्था, बाउंड्रीवाल और कचरा प्रबंधन जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं, जिससे रहवासियों को लगातार परेशानी उठानी पड़ रही है।
आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया कि कॉलोनी की ग्रीनलैंड और मॉर्गेज भूमि को नियमों के विपरीत बेचने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही स्वीकृत ले-आउट का उल्लंघन कर सार्वजनिक उपयोग की भूमि का दुरुपयोग किए जाने की शिकायत भी की गई। रहवासियों ने ग्रीनलैंड की रजिस्ट्री पर तत्काल रोक लगाने और पूरे मामले की संयुक्त जांच कराने की मांग की। इस पर कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने संबंधित एसडीएम को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
ईदगाह हिल्स निवासी राजेंद्र लालचंदानी ने भोपाल विकास प्राधिकरण के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 में राजाभोज आवासीय योजना के तहत प्लॉट क्रमांक ए-415 आवंटित होने और पूरी राशि ब्याज सहित जमा करने के साथ वर्ष 2020 में अपनी पुत्री भावना लालचंदानी के नाम नामांतरण कराने के बावजूद अब तक प्लॉट का कब्जा नहीं मिला। उन्होंने प्रशासन से कब्जा दिलाने अथवा वैकल्पिक प्लॉट उपलब्ध कराने की मांग की।
शुभम कॉलोनी निवासी गिरिश नरवरे ने कान्हा गृह निर्माण सहकारी समिति के अध्यक्ष पर विकास शुल्क के नाम पर अवैध वसूली और एनओसी जारी करने में मनमानी के आरोप लगाए। शिकायत में कहा गया कि सदस्यों से नियमों के विपरीत अतिरिक्त राशि मांगी जाती है और भुगतान नहीं करने पर एनओसी रोककर दबाव बनाया जाता है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की।
जनसुनवाई में शासकीय छात्रावासों की बाउंड्रीवाल निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार नवनीत कुमार ने भी अपनी समस्या रखी। उन्होंने बताया कि नेताजी सुभाष छात्रावास का लगभग 60 प्रतिशत और कस्तूरबा गांधी छात्रावास का 90 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद विभाग की ओर से भुगतान जारी नहीं किया गया। भुगतान लंबित रहने के कारण नवंबर 2025 से कार्य बंद है। उन्होंने बकाया राशि का शीघ्र भुगतान कराने की मांग की।
जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को समयबद्ध जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।















