भोपाल, 29 अप्रैल।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खरगोन जिले के जलूद में 271 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 60 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह देश का पहला ऐसा सौर ऊर्जा संयंत्र है जो सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल पर आधारित है। इसमें केंद्र सरकार का पूर्ण सहयोग मिला है और ग्रीन बॉन्ड योजना के माध्यम से आम नागरिकों को भी इस परियोजना में भागीदार बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि इस संयंत्र के जरिए सूर्य की ऊर्जा को विद्युत में परिवर्तित कर इंदौर नगर निगम को लाभ मिल रहा है, जिससे कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। यह परियोजना ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में एक बड़ा नवाचार है और इससे दोहरा लाभ प्राप्त होगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस परियोजना की लागत लगभग 10 वर्षों में पूरी हो जाएगी, जिसके बाद अगले 10 वर्ष शुद्ध लाभ के होंगे। उन्होंने इसे मध्य प्रदेश की ऊर्जा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि बताया।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत एक-एक लाख रुपये के बॉन्ड खरीदने का विकल्प दिया गया है, जिससे निवेशकों को लगभग आठ प्रतिशत का लाभ 20 वर्षों तक मिलेगा। जरूरत पड़ने पर इन बॉन्ड को बेचा भी जा सकता है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सबसे सस्ती बिजली उपलब्ध कराने वाला प्रदेश है और यहां की बिजली से दिल्ली मेट्रो तक संचालित हो रही है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना का शिलान्यास वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री ने किया था।
इस अवसर पर हरित ऊर्जा से जुड़े कार्यों पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रस्तुत की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ग्रीन एनर्जी को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है और जलूद परियोजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने आगे कहा कि राज्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी अग्रणी है तथा वैदिक ज्ञान पर आधारित वैदिक घड़ी जैसे नवाचारों को भी आगे बढ़ाया जा रहा है, जिन्हें उज्जैन और काशी में स्थापित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने महेश्वर क्षेत्र को ज्ञान और संस्कृति का केंद्र बताते हुए कहा कि यह क्षेत्र ऐतिहासिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण रहा है। साथ ही उन्होंने प्रदेश में गेहूं उपार्जन व्यवस्था और किसानों को बढ़े हुए समर्थन मूल्य से मिले लाभ का भी उल्लेख किया।
जल संसाधन मंत्री ने इस परियोजना को देश के ग्रीन एनर्जी लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया, वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इसे क्षेत्र के विकास की बड़ी उपलब्धि करार दिया।





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