नई दिल्ली, 11 जून।
अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा से जुड़े शिक्षकों के कौशल और शैक्षणिक क्षमता को मजबूत करने के लिए क्यूआईपी-पीजी (क्वालिटी इम्प्रूवमेंट प्रोग्राम-पोस्ट ग्रेजुएट) सर्टिफिकेट प्रोग्राम की शुरुआत की है। यह छह माह का हाइब्रिड प्रशिक्षण कार्यक्रम उभरती प्रौद्योगिकियों में शिक्षकों को दक्ष बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए एआईसीटीई अध्यक्ष योगेश सिंह ने कहा कि यह पहल तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी तकनीकें तेजी से उद्योगों को बदल रही हैं, ऐसे में शिक्षकों का अपडेट रहना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षकों को नवीनतम तकनीकी ज्ञान और उद्योग से जुड़ा अनुभव उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे छात्रों को नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप शिक्षा दे सकें।
एआईसीटीई की सदस्य सचिव प्रो. श्यामा रथ ने कहा कि यह पहल शिक्षकों को देश के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के साथ जुड़कर नए कौशल सीखने और ज्ञान साझा करने का अवसर प्रदान करेगी, जिससे विद्यार्थियों के साथ-साथ देश के विकास को भी गति मिलेगी।
यह 18 क्रेडिट आधारित प्रमाणपत्र कार्यक्रम आईआईएससी, आईआईटी, एनआईटी और आईआईआईटी जैसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों के माध्यम से संचालित किया जाएगा। जुलाई-दिसंबर 2026 सत्र के लिए इसमें कुल 41 पाठ्यक्रम शामिल किए गए हैं, जो कंप्यूटेशनल और प्रबंधन क्षेत्रों से जुड़े होंगे।
कार्यक्रम में एआई, डेटा साइंस, साइबर-फिजिकल सिस्टम्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ड्रोन तकनीक, रोबोटिक्स और 3डी प्रिंटिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इच्छुक शिक्षक 5 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं।














