अबू धाबी, 16 जून।
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) स्थित बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट पर पिछले माह हुए हमले को लेकर दुनिया भर में तीखी प्रतिक्रिया हुई है। इराक के हथियारबंद गुटों द्वारा किए गए इस ड्रोन हमले की कई देशों ने कड़ी निंदा की है और वैश्विक सुरक्षा को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है।
बीते 17 मई को संयंत्र के बाहरी हिस्से में स्थित इलेक्ट्रिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया था। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इसे वैश्विक कानूनों का सीधा उल्लंघन और अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए बड़ा खतरा करार दिया है।
इस घटना के बाद तमाम देशों ने संयुक्त बयान जारी कर यूएई की संप्रभुता और उसकी क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया है। उन्होंने यूएई पर होने वाले किसी भी हमले को रोकने की पुरजोर मांग की है।
विभिन्न देशों ने इस बात पर जोर दिया है कि परमाणु ऊर्जा सुविधाओं का उपयोग शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए ही होना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की कड़ी निगरानी में इनके सुरक्षित संचालन का समर्थन किया गया है।
बयान में स्पष्ट कहा गया है कि ऐसी हरकतें संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के सिद्धांतों के विपरीत हैं। विश्व के दर्जनों देशों ने इस तरह की आतंकवादी गतिविधि को भविष्य में रोकने के लिए एकजुटता दिखाई है।















