कोलंबो, 17 जून।
2022 के वित्तीय संकट के बाद आर्थिक सुधार को मजबूती देने के उद्देश्य से श्रीलंका ने नई पांच वर्षीय निर्यात रणनीति पेश की है। इसके तहत वर्ष 2030 तक 36 अरब अमेरिकी डॉलर के निर्यात लक्ष्य को हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है।
वर्ष 2026 से 2030 के लिए तैयार राष्ट्रीय निर्यात विकास योजना को मंत्रिमंडल की मंजूरी मिल चुकी है। इस योजना का उद्देश्य देश को निर्यात आधारित अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करना और उसे प्रतिस्पर्धी लॉजिस्टिक्स तथा ज्ञान केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
रणनीति की शुरुआत करते हुए उद्योग एवं उद्यमिता विकास मंत्री सुनील हंडुन्नेट्टी ने कहा कि निर्यात से जुड़े लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए नीतियों में निरंतरता और पारदर्शिता बेहद महत्वपूर्ण होगी।
इस ढांचे में आठ प्राथमिक क्षेत्र तय किए गए हैं। इनमें डिजिटल उत्पाद एवं सेवाएं, ऑटो कंपोनेंट्स, विद्युत और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के घटक, प्रसंस्कृत खाद्य एवं पेय पदार्थ, मसाले, रबर तथा समुद्री और खनिज आधारित उद्योग शामिल हैं।
निर्यात विकास बोर्ड के अध्यक्ष मंगला विजेसिंघे ने कहा कि यह योजना व्यापार लॉजिस्टिक्स को बेहतर बनाने, सीमा शुल्क प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण को गति देने और लघु एवं मध्यम उद्यमों को वैश्विक बाजारों तक पहुंच दिलाने में मदद करेगी।
उन्होंने कहा कि ये कदम श्रीलंका के दीर्घकालिक आर्थिक परिवर्तन को गति देंगे और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में देश की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को मजबूत बनाएंगे।














