लेह, 19 जून।
लद्दाख में पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करने के लिए सिंगल-यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और कूड़ा फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं। लद्दाख के उपराज्यपाल ने शुक्रवार को इस संबंध में कड़े आदेश देते हुए पूरे क्षेत्र में प्लास्टिक के उपयोग और बिक्री पर व्यापक रोक लागू करने को कहा।
उन्होंने कहा कि यह कदम लद्दाख की नाजुक पारिस्थितिकी और प्राकृतिक सुंदरता को सुरक्षित रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है, जो क्षेत्र की पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था की मुख्य आधारशिला है। नए नियमों के तहत प्लास्टिक नियमों के उल्लंघन और गंदगी फैलाने पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
प्रशासन ने अब निगरानी व्यवस्था को और सशक्त बनाते हुए ब्लॉक विकास अधिकारी, तहसीलदार, नगर निकाय अधिकारी, वन अधिकारी और वन रक्षकों को भी नियम उल्लंघन पकड़ने और चालान जारी करने का अधिकार प्रदान किया है। इससे जमीनी स्तर पर कार्रवाई और तेज होने की उम्मीद है।
इसके साथ ही लेह हवाई अड्डे और लद्दाख के विभिन्न प्रवेश एवं सीमा बिंदुओं पर अचानक जांच के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रतिबंधित प्लास्टिक सामग्री की आवाजाही और उपयोग पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब क्षेत्र में बढ़ते प्लास्टिक कचरे को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है।
उपराज्यपाल ने कहा कि लद्दाख का प्राकृतिक पर्यावरण उसकी सबसे बड़ी ताकत है और विकास तथा पर्यटन के विस्तार के साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना जरूरी है। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि प्रतिबंध का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए और क्षेत्र की विशिष्ट पारिस्थितिक पहचान को संरक्षित रखा जाए।
गौरतलब है कि लद्दाख की पर्यावरणीय और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की मांग लंबे समय से लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस द्वारा उठाई जाती रही है। इन संगठनों ने क्षेत्र को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने और राज्य का दर्जा देने की भी मांग की है।















