भोपाल, 20 जून।
मध्य प्रदेश के नगर निकायों की आमदनी बढ़ाने के लिए राज्य सरकार नई रणनीति पर काम कर रही है। शहरी विकास विभाग पार्किंग व्यवस्था और विज्ञापन होर्डिंग्स के प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाकर स्थानीय निकायों के राजस्व में वृद्धि की संभावनाएं तलाश रहा है। इसके लिए एक नई नीति तैयार की जा रही है, जिसमें ठेका आवंटन की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने पर जोर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार प्रदेश के कई नगर निगम, नगर पालिकाएं और नगर परिषदें सीमित आर्थिक संसाधनों की चुनौती का सामना कर रही हैं। इसी कारण नियमित आय के स्थायी स्रोत विकसित करने की दिशा में प्रयास तेज किए गए हैं। माना जा रहा है कि पार्किंग स्थलों के बेहतर संचालन और होर्डिंग्स के व्यवस्थित उपयोग से निकायों को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हो सकता है।
प्रस्तावित नीति में ठेका लेने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं के लिए पात्रता संबंधी शर्तों को और सख्त किया जाएगा। गंभीर आपराधिक मामलों से जुड़े लोगों, गुंडे-बदमाशों तथा विवादित पृष्ठभूमि रखने वालों को ठेका प्रक्रिया से बाहर रखने की तैयारी है। इसके लिए पुलिस सत्यापन समेत आवश्यक दस्तावेजों की जांच को भी अनिवार्य किए जाने पर विचार किया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि नगर निकायों के पास उपलब्ध पार्किंग और विज्ञापन संबंधी संपत्तियां आय का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकती हैं। इन संसाधनों का योजनाबद्ध उपयोग होने पर हर साल करोड़ों रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त किया जा सकता है, जिससे निकायों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और विकास कार्यों को भी गति मिलेगी।
सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही शहरी क्षेत्रों में सुविधाओं और आधारभूत ढांचे के विस्तार के लिए अतिरिक्त संसाधन भी उपलब्ध हो सकेंगे।














