मॉस्को, 21 जून।
ईरान ने मॉस्को में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में एक महत्वपूर्ण पहल की है। देश ने सदस्य राष्ट्रों के बीच आपसी ऊर्जा सहयोग को बढ़ाने और मांग-आपूर्ति में बेहतर संतुलन के लिए एक विशेष 'एनर्जी कंसोर्टियम' का ड्राफ्ट प्रस्ताव पेश किया है।
ईरानी उप ऊर्जा मंत्री मुस्तफा रजाबी के अनुसार, इस प्रस्तावित कंसोर्टियम की संरचना और नियमों का पूरा खाका सदस्य देशों को सौंप दिया गया है। ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि एससीओ के आगामी शिखर सम्मेलन में इस पर विस्तार से चर्चा होगी और इसे औपचारिक मंजूरी मिल सकती है।
ईरान ने सदस्य देशों की बिजली किल्लत को दूर करने के लिए उनके पावर ग्रिड को आपस में जोड़ने का भी सुझाव दिया है। इस विचार का स्वागत करते हुए सदस्य देशों ने ईरान द्वारा तैयार किए गए दस्तावेजों पर सकारात्मक रुख दिखाया है।
ईरान अपने घरेलू स्तर पर सौर ऊर्जा के विस्तार पर तेजी से काम कर रहा है। रजाबी ने बताया कि पिछले एक साल में देश की सौर ऊर्जा क्षमता में पांच गुना वृद्धि दर्ज की गई है और परमाणु ऊर्जा क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
क्षेत्रीय बिजली बाजार विकसित करने और स्मार्ट ग्रिड परियोजनाओं को बढ़ावा देने पर भी ईरान ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कंसोर्टियम से सदस्य देशों की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलेगी और आर्थिक रिश्तों को एक नई दिशा प्राप्त होगी।















