भोपाल, 24 जून।
आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए शहर में नागरिकों की सुरक्षा के मद्देनजर नगर निगम ने जर्जर भवनों के खिलाफ विशेष अभियान तेज कर दिया है। निगम के सर्वेक्षण में अब तक 3435 ऐसे भवनों की पहचान की गई है, जिन्हें अति जर्जर, जर्जर या भयप्रद श्रेणी में रखा गया है। इनमें से 2184 भवन मालिकों को नोटिस जारी कर आवश्यक मरम्मत कराने या खतरनाक हिस्सों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन के निर्देश पर यांत्रिक विभाग ने सभी वार्डों में व्यापक सर्वेक्षण अभियान चलाया। इस दौरान 971 निजी और 2464 शासकीय भवनों की स्थिति चिंताजनक पाई गई। सर्वेक्षण के अनुसार 17 निजी भवन और 740 शासकीय भवन अति जर्जर श्रेणी में शामिल हैं।
निगम की रिपोर्ट के मुताबिक शहर में सबसे अधिक जोखिम ऐशबाग क्षेत्र में स्थित मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड के 600 ईडब्ल्यूएस आवासों से है। इन आवासों की हालत अत्यंत खराब बताई गई है। रहवासियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निगम आयुक्त ने मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल को पत्र भेजकर प्रभावित लोगों के पुनर्वास की व्यवस्था करने तथा भवनों को ध्वस्त करने या उनका संधारण कराने का आग्रह किया है।
नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 के प्रावधानों के तहत जारी नोटिसों के बाद 25 भवन स्वामियों ने अपने भवनों की मरम्मत और आवश्यक सुधार कार्य पूरे कर लिए हैं। इसके अलावा अब तक 35 खतरनाक भवनों को हटाने की कार्रवाई भी की जा चुकी है।
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा अभियान आगे भी जारी रहेगा। बारिश के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना से बचाव के लिए जर्जर और भयप्रद भवनों की पहचान कर उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई लगातार की जाएगी।















