लेह-लद्दाख, 24 जून।
लेह-लद्दाख में आयोजित प्रथम सिंधु कुंभ राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समन्वय और आध्यात्मिक चेतना के भव्य संगम के रूप में सामने आया। देश के करीब 20 राज्यों से पहुंचे 3,500 से अधिक श्रद्धालुओं, संतों और सामाजिक प्रतिनिधियों की उपस्थिति से सिंधु तट पर लघु भारत का अद्भुत स्वरूप देखने को मिला। राजस्थान से भी लगभग 500 श्रद्धालु इस विशेष आयोजन में शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सिंधु घाट पर मां सिंधु नदी और भगवान झूलेलाल की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देश और समाज की सुख-समृद्धि, शांति एवं प्रगति की कामना की।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि सिंधु नदी केवल एक नदी नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता, संस्कृति और राष्ट्रीय पहचान की प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र का संबंध प्राचीन वैदिक ज्ञान परंपरा से रहा है और भारतीय संस्कृति के विकास में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। भगवान झूलेलाल का अवतरण भी इसी पवित्र तट पर हुआ था, जिन्होंने मानवता, सद्भाव, सेवा और जल संरक्षण का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि सिंधु तट पर दिखाई देने वाला श्रद्धा, संस्कृति और राष्ट्रीय एकता का संगम भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का परिचायक है। उनके अनुसार यह पवित्र स्थल अब भारतीय सभ्यता और आध्यात्मिक चेतना के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है।
बुधवार को आयोजित इस आयोजन में विभिन्न राज्यों, भाषाओं और परंपराओं से जुड़े हजारों लोग एक मंच पर एकत्रित हुए। विविधता के बीच एकता की भावना का यह दृश्य कार्यक्रम की विशेष पहचान बना रहा।
समारोह में विभिन्न धार्मिक, सामाजिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़े अनेक विशिष्टजन भी उपस्थित रहे। उनकी भागीदारी ने आयोजन के महत्व को और अधिक बढ़ाया।
सिंधु कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, स्वच्छता और नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प भी दिलाया गया। वक्ताओं ने इन मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।
वासुदेव देवनानी ने कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि सांस्कृतिक एकता, राष्ट्रीय गौरव और अखंड राष्ट्रभाव को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। उन्होंने कहा कि सिंधु तटों के विकास के साथ यहां लोगों की आस्था और सहभागिता लगातार बढ़ रही है तथा यह क्षेत्र महत्वपूर्ण आध्यात्मिक केंद्र के रूप में उभर रहा है।















