भोपाल, 30 जून।
राजधानी भोपाल में साइबर ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। बीते 24 घंटे के दौरान शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में सात एफआईआर दर्ज की गई हैं। ठगों ने लोगों को क्रिप्टोकरेंसी में निवेश पर अधिक मुनाफे का लालच, वर्क फ्रॉम होम के नाम पर झांसा, संदिग्ध एपीके फाइल भेजकर मोबाइल हैक करने और फोन कॉल के जरिए धोखाधड़ी कर लाखों रुपये की ठगी का शिकार बनाया। पुलिस ने सभी मामलों में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सबसे बड़ी वारदात जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में सामने आई। पुलिस लाइन निवासी और निजी बैंक कर्मचारी पुनीत तिवारी को साइबर अपराधियों ने क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के बदले भारी मुनाफे का भरोसा दिलाया। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग किस्तों में कुल 27 लाख 55 हजार 153 रुपये आरोपियों के बताए खातों में जमा कर दिए। बाद में रकम और लाभ नहीं मिलने पर उन्होंने पुलिस से शिकायत की।
अयोध्या नगर थाना क्षेत्र में तीन अलग-अलग मामलों में लोगों को निशाना बनाया गया। एक मामले में रोज प्रधान के मोबाइल पर संदिग्ध एपीके फाइल भेजी गई। फाइल डाउनलोड करते ही मोबाइल हैक हो गया और उनके खाते से करीब एक लाख रुपये निकाल लिए गए। दूसरे मामले में राजन कुमार नामदेव को क्रेडिट कार्ड की सीमा बढ़ाने का झांसा देकर बैंक संबंधी जानकारी हासिल की गई और उनके खाते से एक लाख रुपये निकाल लिए गए। तीसरी घटना में नीतू नामक महिला से फोन पर झांसा देकर दो लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी की गई।
वहीं छोला मंदिर थाना क्षेत्र में कल्याण नगर निवासी 29 वर्षीय मनीषा पंथी से साइबर ठगों ने धोखाधड़ी कर 6 लाख 40 हजार 448 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
भोपाल पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, एपीके फाइल या निवेश से जुड़े आकर्षक प्रस्तावों पर भरोसा न करें। किसी अपरिचित व्यक्ति के कहने पर बैंकिंग जानकारी, ओटीपी या स्क्रीन शेयरिंग से जुड़े किसी भी माध्यम का उपयोग न करें। यदि कोई साइबर ठगी का शिकार होता है तो तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन या निकटतम थाने में शिकायत दर्ज कराएं।















