दमोह, 04 जुलाई।
दमोह जिले में निजी स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हाल ही में राजकीय बालिका छात्रावास में छज्जे का प्लास्टर गिरने की घटना के बाद अब शहर के कई निजी विद्यालयों के भवनों की जांच की तैयारी की जा रही है। आरोप है कि कुछ स्कूल हाईटेंशन लाइन के बेहद करीब संचालित हो रहे हैं, जबकि कुछ विद्यालयों तक पहुंचने वाले रास्ते इतने संकरे हैं कि आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य प्रभावित हो सकता है।
स्थानीय स्तर पर हुई पड़ताल में वैशाली नगर के पीछे स्थित वर्धमान कॉलोनी के एक निजी विद्यालय का भवन हाईटेंशन विद्युत लाइन के काफी निकट होने की बात सामने आई है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यदि बिजली लाइन में तकनीकी खराबी या अन्य दुर्घटना होती है तो विद्यार्थियों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि विद्यालयों के संचालन के दौरान विद्युत सुरक्षा, भवन की मजबूती और अग्निशमन संबंधी सभी मानकों का पालन आवश्यक है। इन नियमों की अनदेखी बच्चों की सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर सकती है।
विद्युत विभाग के अनुसार, हाईटेंशन लाइनों की अलग-अलग श्रेणियों के लिए निर्धारित सुरक्षा दूरी तय है और उस दायरे में निर्माण की अनुमति नहीं दी जाती। विभाग का कहना है कि यदि किसी विद्यालय में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
ग्राम पंचायत आमचोपरा के सरपंच जयपाल सिंह यादव ने भी कहा कि हाईटेंशन लाइन के नीचे या निर्धारित सुरक्षा क्षेत्र में भवन निर्माण उचित नहीं है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच कर वरिष्ठ अधिकारियों से मार्गदर्शन लिया जाएगा और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर संबंधित पक्ष के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शहर के कुछ निजी विद्यालय ऐसे भी बताए जा रहे हैं, जहां पहुंच मार्ग अत्यंत संकरा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आग, भूकंप या अन्य आपदा की स्थिति में फायर ब्रिगेड और बचाव दल के वाहनों को मौके तक पहुंचने में कठिनाई हो सकती है, जिससे विद्यार्थियों को सुरक्षित निकालना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने भी जांच के संकेत दिए हैं। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रवीण फुलपगारे ने कहा कि जिले के स्कूल भवनों का परीक्षण कराया जाएगा। यदि कहीं भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी या विद्यार्थियों के लिए खतरे जैसी स्थिति मिली तो संबंधित संस्था के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिला शिक्षा अधिकारी सत्यम चौरसिया ने भी कहा कि संबंधित विद्यालयों की जांच कराई जाएगी। भवन सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा, अग्निशमन व्यवस्था या अन्य आवश्यक मानकों में किसी प्रकार की कमी मिलने पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस बीच अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने जिले के सभी शासकीय और निजी विद्यालयों का सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की है, ताकि संभावित हादसों से पहले कमियों को दूर कर विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।















