नई दिल्ली, 07 जुलाई।
भारत और इंडोनेशिया के बीच मंगलवार को द्विपक्षीय वार्ता के दौरान 14 एमओयू पर सहमति बनी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच हुई बैठक में दोनों देशों ने वैश्विक और बहुपक्षीय हितों पर विचार साझा किए तथा शांतिपूर्ण और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक के दौरान छह प्रमुख घोषणाएं भी की गईं।
दोनों देशों के बीच हुए समझौतों में शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए बाहरी अंतरिक्ष की खोज और उपयोग में सहयोग से जुड़े फ्रेमवर्क समझौते का विस्तार शामिल है। इसके अलावा मेडिकल प्रोडक्ट्स रेगुलेशन के क्षेत्र में भारत के सीडीएससीओ और इंडोनेशिया के बीपीओएम के बीच सहयोग पर समझौता किया गया।
भारत और इंडोनेशिया ने खनिजों और स्टील सप्लाई चेन की तकनीक, कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों में सहयोग, समुद्री रक्षा और सुरक्षा सहयोग के विस्तार तथा आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में भी समझौतों पर सहमति जताई। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और इंडोनेशिया की नेशनल एजेंसी फॉर डिजास्टर मैनेजमेंट के बीच भी एमओयू हुआ।
इसके अलावा टेलीकम्युनिकेशन तकनीक और सेवाओं, अनुसंधान, तकनीक एवं नवाचार सहयोग तथा स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्यबल सहयोग से जुड़े समझौते किए गए। भारतीय चुनाव आयोग और इंडोनेशिया के जनरल इलेक्शन कमीशन के बीच भी सहयोग समझौता हुआ।
रक्षा क्षेत्र में ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम और एयर-टू-एयर मिसाइल सहयोग को लेकर भी सहमति बनी। वहीं इंडोनेशिया में स्टेनलेस स्टील स्लैब निर्माण सुविधा स्थापित करने के लिए स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया और पीटी क्राकाटाऊ स्टील के बीच रणनीतिक संयुक्त उद्यम पर समझौता किया गया। रेयर अर्थ मैग्नेट के विकास को लेकर भी सहयोग समझौता हुआ।
बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की गईं। इनमें योग्याकार्ता स्थित प्रम्बानन मंदिर परिसर के संरक्षण और जीर्णोद्धार के लिए भारत की सहायता, इंडोनेशिया को 100 टन उच्च गुणवत्ता वाले गेहूं के बीज की आपूर्ति और सांस्कृतिक एवं शैक्षिक कूटनीति के तहत टैगोर-देवान्तारा वर्ष का आयोजन शामिल है।
इसके अलावा इंडोनेशिया के सिंघासरी विशेष आर्थिक क्षेत्र में भारतीय प्रबंधन संस्थान, बेंगलुरु का शाखा परिसर स्थापित करने और भारत के ओएनडीसी मॉडल पर आधारित इंडोनेशिया ओपन नेटवर्क शुरू करने की घोषणा भी की गई।















