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सरकार व नीतियाँ
08 Jul, 2026

पोषण ट्रैकर से मजबूत हुई पोषण व्यवस्था, 8.93 करोड़ लाभार्थी जुड़े

पोषण ट्रैकर डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए देश में पोषण सेवाओं की निगरानी बेहतर हुई है और 8.93 करोड़ से अधिक लाभार्थी इससे जुड़े हैं।

नई दिल्ली, 08 जुलाई।

देश में पोषण सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए शुरू किया गया पोषण ट्रैकर डिजिटल व्यवस्था का अहम माध्यम बन गया है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए आंगनवाड़ी सेवाओं की निगरानी, लाभार्थियों की जानकारी और पोषण योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मदद मिल रही है। अब तक इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से 8.93 करोड़ से अधिक लाभार्थी जुड़ चुके हैं।

पोषण अभियान की शुरुआत 8 मार्च 2018 को की गई थी। इसका उद्देश्य बच्चों, गर्भवती महिलाओं और माताओं के पोषण स्तर में सुधार करना था। बाद में बजट 2021-22 के तहत पोषण अभियान, आंगनवाड़ी सेवाओं और किशोरी बालिका योजना को मिलाकर मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 शुरू किया गया।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने मार्च 2021 में पोषण ट्रैकर की शुरुआत की थी। यह मोबाइल आधारित डिजिटल प्रणाली है, जिसके माध्यम से आंगनवाड़ी केंद्रों की गतिविधियों और लाभार्थियों की जानकारी लगभग वास्तविक समय में उपलब्ध हो जाती है।

पोषण ट्रैकर से पहले आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 11 अलग-अलग रजिस्टरों में जानकारी दर्ज करनी पड़ती थी। डिजिटल प्रणाली आने के बाद रिकॉर्ड तैयार करने, निगरानी करने और योजनाओं का लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया आसान हुई है।

इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से बच्चों में कम वजन, कमजोर विकास और पोषण संबंधी समस्याओं की पहचान करने में सहायता मिलती है। इससे जरूरत के अनुसार समय पर कदम उठाने में मदद मिल रही है।

पोषण ट्रैकर में आधार आधारित सत्यापन, डिजिटल होम विजिट सुविधा, बच्चों के लिए शिक्षा सामग्री और पोषण कैलकुलेटर जैसी सुविधाएं शामिल हैं। पोषण कैलकुलेटर के माध्यम से बच्चों की लंबाई, वजन और उम्र के आधार पर उनके स्वास्थ्य व पोषण स्तर की निगरानी की जाती है।

मई 2026 तक पोषण ट्रैकर देश के सभी 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों में लागू हो चुका है। इस प्लेटफॉर्म पर 8.93 करोड़ से अधिक लाभार्थियों का पंजीकरण हो चुका है।

सरकार के अनुसार, मई 2026 तक 5.5 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को पूरक पोषण कार्यक्रम के तहत कम से कम 15 दिनों तक पोषण सहायता मिली। वहीं, 5.17 करोड़ लाभार्थियों को कम से कम 21 दिनों तक इसका लाभ मिला।

इसके अलावा पोषण ट्रैकर के माध्यम से 0 से 5 वर्ष तक के 6.3 करोड़ से अधिक बच्चों के विकास की निगरानी की गई है। यह संख्या पंजीकृत बच्चों का करीब 94 प्रतिशत है।

पोषण ट्रैकर को डिजिटल इंडिया की सफल पहलों में शामिल किया जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनिसेफ ने भी इसकी सराहना की है। वर्ष 2024 में इसे ई-गवर्नेंस के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार (गोल्ड) मिला, वहीं अप्रैल 2025 में लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

सरकार का कहना है कि पोषण ट्रैकर तकनीक के माध्यम से पारदर्शी व्यवस्था बनाने और विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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