काठमांडू, 13 जुलाई।
भारत और नेपाल के बीच ऊर्जा सहयोग को नई गति देने के लिए भारतीय विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मनु महावर आज काठमांडू पहुंच रहे हैं। ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श करने के लिए पोखरा में इस विशेष बैठक का आयोजन किया गया है।
यह उच्च स्तरीय वार्ता आज शाम शुरू होकर 14 जुलाई तक चलेगी। महावर, जो विदेश मंत्रालय के नॉर्थ डिवीजन के प्रमुख हैं, नेपाल और भूटान के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों को देखते हैं। नियमानुसार यह बैठक हर छह महीने में आयोजित होनी चाहिए थी, मगर फरवरी 2025 के बाद अब यह हो रही है।
वार्ता के केंद्र में नेपाल से भारत के जरिए बांग्लादेश को होने वाला बिजली निर्यात रहेगा। फिलहाल 40 मेगावाट बिजली भेजी जा रही है और नेपाल अपनी इस क्षमता को और बढ़ाना चाहता है, जिसके लिए भारत की मंजूरी अनिवार्य है।
साथ ही ट्रांसमिशन लाइन परियोजना की धीमी गति भी मुख्य चर्चा का विषय होगी। चमेलिया–जौलजीबी 220 केवी डबल सर्किट लाइन का निर्माण दोनों देशों को अपने-अपने क्षेत्र में करना है, परंतु यह परियोजना काफी समय से लंबित है।
महावर इस यात्रा के दौरान नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल से भी मुलाकात करेंगे। प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह की संभावित भारत यात्रा से पहले हो रही इस बैठक को रणनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।















