जबलपुर, 13 जुलाई।
मध्यप्रदेश में प्रमोशन में आरक्षण से जुड़े बहुचर्चित मामले में सोमवार को हाई कोर्ट ने फिलहाल किसी भी पक्ष को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने प्रमोशन प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग भी स्वीकार नहीं की और कहा कि मामले की अंतिम सुनवाई के लिए जल्द स्पेशल बेंच का गठन किया जाएगा।
अदालत ने संकेत दिया कि स्पेशल बेंच का गठन एक-दो दिन में हो सकता है। इसके बाद इसी सप्ताह मामले की अंतिम सुनवाई होने की संभावना जताई जा रही है।
मामले की सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ के समक्ष हुई। अंतरिम राहत के मुद्दे पर दोनों पक्षों ने विस्तार से अपनी दलीलें पेश कीं। सुनवाई के दौरान आर.बी. राय प्रकरण का उल्लेख होने पर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया ने बताया कि वह पूर्व में इस मामले में अधिवक्ता के रूप में पेश हो चुके हैं। निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से उन्होंने स्वयं को इस प्रकरण की सुनवाई से अलग कर लिया।
खंडपीठ ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि फिलहाल न तो प्रमोशन प्रक्रिया पर रोक लगाई जाएगी और न ही किसी भी पक्ष को अंतरिम राहत दी जाएगी। अब कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश इस प्रकरण की सुनवाई के लिए स्पेशल बेंच का गठन करेंगे। यही बेंच प्रमोशन में आरक्षण से जुड़े सभी संवैधानिक और कानूनी पहलुओं पर अंतिम सुनवाई करेगी।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सी.एस. वैद्यनाथन ने पक्ष रखा।
वहीं, याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज शर्मा और नमन नगरथ उपस्थित रहे। अजाक संघ की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर, विनायक प्रसाद शाह सहित अन्य अधिवक्ताओं ने भी न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष रखा।















