भोपाल, 13 जुलाई।
मध्य प्रदेश की पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि पिछड़ा वर्ग विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सहयोग, मार्गदर्शन और दूरदर्शी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया।
राज्यमंत्री गौर ने कहा कि राज्य सरकार समाज के पिछड़े और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र-छात्राओं के शैक्षणिक विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी उद्देश्य से संचालित योजना के तहत तीन मेधावी विद्यार्थियों को विदेश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।
उन्होंने बताया कि पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा संचालित इस योजना के अंतर्गत तीन चयनित विद्यार्थियों के लिए कुल 1.53 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति राशि जारी की गई है। पिछड़ा वर्ग आयुक्त सतेन्द्र सिंह द्वारा जारी इस सहायता से विद्यार्थी अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में अध्ययन कर सकेंगे। योजना के तहत क्यूएस रैंकिंग के आधार पर प्रतिष्ठित विदेशी विश्वविद्यालयों में प्रवेश मिलने के बाद शिक्षण शुल्क, आवास और हवाई यात्रा सहित आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
योजना के तहत दतिया के अमन अली को यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन में जनरल एलएलएम पाठ्यक्रम के लिए 47.23 लाख रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति स्वीकृत की गई है।
इंदौर के ध्रुव जायसवाल को अमेरिका की कार्नेगी मेलन यूनिवर्सिटी में पीजी इन प्रोडक्ट डेवलपमेंट पाठ्यक्रम के अध्ययन के लिए 68.51 लाख रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की गई है।
भोपाल के हिमांशु लोखंडे को ऑस्ट्रेलिया की मोनाश यूनिवर्सिटी में मास्टर ऑफ साइबर सिक्योरिटी पाठ्यक्रम के लिए 37.58 लाख रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति स्वीकृत की गई है।
राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने सभी चयनित विद्यार्थियों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह योजना पिछड़े वर्ग के युवाओं को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और विद्यार्थी प्रदेश तथा देश का नाम रोशन करेंगे।















