रायपुर, 13 जुलाई।
छत्तीसगढ़ में डिजिटल भू-अभिलेख तैयार करने की दिशा में सरकार ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राजस्व विभाग के अनुसार, राज्य के 33 जिलों में कुल 20,551 राजस्व ग्रामों में से 19,805 गांवों का सर्वेक्षण कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। यह आंकड़ा कुल लक्ष्य का 96.37 प्रतिशत है, जो ग्रामीण प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
इस महत्वाकांक्षी अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को उनकी भूमि और मकानों का कानूनी मालिकाना हक दिलाना है। इससे न केवल वर्षों पुराने भूमि विवादों में कमी आएगी, बल्कि किसानों को ऋण लेने, फसल बीमा का लाभ पाने और विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ उठाने में आसानी होगी। इससे राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता आएगी और बिचौलियों का हस्तक्षेप भी पूरी तरह खत्म होगा।
रायपुर, महासमुंद, राजनांदगांव, कबीरधाम, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, सक्ती और सूरजपुर जैसे जिलों में शत-प्रतिशत सर्वेक्षण कार्य पूरा कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है। वहीं, बस्तर संभाग के दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों में भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद विभाग विशेष रणनीतियों और आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर कार्य को गति दे रहा है।
वर्तमान में प्रदेश के केवल 746 गांव ही सर्वे से शेष बचे हैं, जिनमें से 371 गांवों में प्रक्रिया जारी है। शेष 375 गांवों में भी जल्द ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य आगामी महीनों में छत्तीसगढ़ को पूरी तरह से डिजिटल और त्रुटिहीन राजस्व रिकॉर्ड वाला आदर्श राज्य बनाना है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल सके।














