सुपौल, 13 जुलाई।
सुपौल जिले के राघोपुर थाना में जमीन सौदे के नाम पर 14.51 लाख रुपये की कथित ठगी, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
मामले में अमित भगत को मुख्य साजिशकर्ता बताते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। प्राथमिकी के अनुसार, प्रतापगंज थाना क्षेत्र के सुखानगर निवासी तथा प्राथमिक विद्यालय मलमलिया सुखानगर में पदस्थ शिक्षक श्याम सुंदर मंडल ने आरोप लगाया है कि सिमराही स्थित जमीन का सौदा कराने के नाम पर सुगंधी मंडल ने उनकी मुलाकात अवध बिहारी भगत और उसके परिवार से कराई। इसके बाद अलग-अलग तिथियों में बैंक, पे-फोन और नकद माध्यम से कुल 14 लाख 51 हजार रुपये ले लिए गए, लेकिन जमीन का निबंधन नहीं कराया गया।
पीड़ित का आरोप है कि पूरी राशि लेने के बाद आरोपित लगातार नई-नई शर्तें रखते रहे। बाद में जमीन देने से साफ इनकार कर दिया और रुपये लौटाने का केवल आश्वासन देते रहे। काफी दबाव के बाद अब तक केवल 1.81 लाख रुपये ही वापस किए गए हैं। शिकायत में शिक्षक ने आरोप लगाया है कि पूरे मामले का संचालन अमित भगत कर रहा था।
आरोप है कि उसने अपना भय दिखाकर रुपये वापस नहीं करने और विरोध करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। पीड़ित का कहना है कि आरोपितों ने सुनियोजित तरीके से जमीन का लालच देकर लाखों रुपये की ठगी की। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, अमित भगत के खिलाफ राघोपुर थाना में पहले भी लॉटरी टिकट बेचने, रुपये के लेन-देन को लेकर मारपीट तथा अन्य मामलों में अलग-अलग प्राथमिकियां दर्ज होने की बात सामने आती रही है। हालांकि, इन मामलों में अंतिम न्यायिक निर्णय संबंधित न्यायालय द्वारा किया जाना शेष है।
आवेदन में पीड़ित शिक्षक ने बताया है कि राशि की व्यवस्था के लिए उन्होंने बैंक से करीब 11.81 लाख रुपये का ऋण लिया था, जिसकी मासिक किस्त लगभग 23,336 रुपये चुकानी पड़ रही है। रुपये फंस जाने से परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहा है और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है।
राघोपुर थाना में दर्ज प्राथमिकी में सुगंधी मंडल, अवध बिहारी भगत, अमित भगत और अन्य को नामजद आरोपित बनाया गया है। पुलिस जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
मामले में अवध बिहारी भगत ने सभी आरोपों को सुनियोजित और बेबुनियाद बताया है।
थानाध्यक्ष अमित कुमार राय ने बताया कि प्राप्त आवेदन के आधार पर जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले का अनुसंधान जारी है और पीड़ित पक्ष की ओर से उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।














