नई दिल्ली, 13 जुलाई।
भारतीय जनता पार्टी ने केरल के वायनाड में भारी बारिश और भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की अनुपस्थिति को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। भाजपा ने कहा कि आपदा के समय दोनों सांसदों की मौजूदगी नहीं दिखना वायनाड के लोगों के प्रति असंवेदनशीलता दर्शाता है।
सोमवार को भाजपा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वर्ष 2019 में राहुल गांधी को वायनाड ने संसद पहुंचाया था। बाद में उन्होंने यह सीट छोड़कर इसकी जिम्मेदारी प्रियंका गांधी को सौंपी और कहा था कि अब वायनाड के दो सांसद होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा आपदा के समय दोनों ही सांसद क्षेत्र में दिखाई नहीं दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वायनाड और केरल के लोग ही नहीं, बल्कि देश की जनता भी यह जानना चाहती है कि राहुल गांधी इस समय कहां हैं। उनके अनुसार, यह वायनाड के लोगों के साथ धोखा है और गांधी परिवार को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।
डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि यह स्थिति वायनाड और केरल के लोगों के प्रति घोर असंवेदनशीलता और उदासीनता को दर्शाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि आपदा की इस घड़ी में कांग्रेस नेतृत्व की अनुपस्थिति गंभीर सवाल खड़े करती है।
इस दौरान डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने पूर्व गृह मंत्रालय के अधिकारी आरवीएस मणि के एक साक्षात्कार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मणि ने दावा किया है कि वर्ष 2008 के मुंबई आतंकी हमले के दौरान यदि अजमल आमिर कसाब जीवित नहीं पकड़ा जाता, तो तथाकथित 'हिंदू आतंकवाद' का नैरेटिव तैयार करने की कोशिश की जा सकती थी।
भाजपा सांसद ने कहा कि उस समय आतंकियों के पास कथित तौर पर नकली हिंदू पहचान-पत्र और कलावा था। उन्होंने आरोप लगाया कि यह आईएसआई और कांग्रेस के बीच मिलीभगत का हिस्सा था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इन आरोपों पर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।















