भोपाल, 13 जुलाई।
मध्य प्रदेश महिला एवं बाल विकास विभाग ने वर्ष 2025 के राज्य और जिला स्तरीय पुरस्कारों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 अगस्त 2026 कर दी है। पूर्व निर्धारित समय-सीमा तक अपेक्षाकृत कम आवेदन प्राप्त होने के कारण जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले वास्तविक पात्र लोगों तक पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।
जनसंपर्क अधिकारी बिंदु सुनील ने सोमवार को बताया कि राज्य और जिला स्तर पर कुल छह अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार दिए जाते हैं। इन पुरस्कारों के अंतर्गत विजेताओं को एक लाख रुपये तक की सम्मान राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है। बाल विवाह और दहेज जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध आवाज उठाने तथा पीड़ितों के पुनर्वास में योगदान देने वाली बालिकाओं और महिलाओं को रानी अवंती बाई राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। वहीं महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, साक्षरता और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को राजमाता विजयाराजे सिंधिया समाज सेवा पुरस्कार तथा इसी क्षेत्र में कार्यरत पुरुषों और स्वयंसेवी संस्थाओं को श्री विष्णु कुमार महिला बाल कल्याण समाज सेवा सम्मान प्रदान किया जाएगा।
विभाग ने अपराधियों और असामाजिक तत्वों का साहसपूर्वक मुकाबला करने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष श्रेणियां भी निर्धारित की हैं। इनमें मुख्यमंत्री नारी सम्मान रक्षा पुरस्कार और राष्ट्रमाता पद्मावती पुरस्कार शामिल हैं। ये सम्मान उन महिलाओं और पुरुषों को दिए जाएंगे जिन्होंने वर्ष 2025 के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर किसी महिला के सम्मान और गरिमा की रक्षा की हो। मुख्यमंत्री नारी सम्मान रक्षा पुरस्कार राज्य स्तर पर चार और जिला स्तर पर दो विजेताओं को मिलेगा। जिला स्तर पर इसके लिए 50 हजार रुपये की सम्मान राशि निर्धारित की गई है। इसके अलावा अपने ऊपर हुए हमले या हिंसा का साहसपूर्वक मुकाबला करने वाली महिलाओं को अरुणा शानबाग वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
इच्छुक आवेदक विभागीय वेबसाइट से आवेदन का निर्धारित प्रारूप डाउनलोड कर सकते हैं या अपने जिले के जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं। पूर्ण रूप से भरे हुए आवेदन आवश्यक दस्तावेजों के साथ अंतिम तिथि से पहले जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय में जमा करने होंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आवेदन पत्र पर संबंधित पुरस्कार का नाम स्पष्ट रूप से अंकित होना चाहिए। साथ ही आवेदन में अनुक्रमणिका संलग्न करना और सभी पृष्ठों को क्रमांकित करना अनिवार्य रहेगा, ताकि जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
विभाग ने बताया कि जिन पात्र आवेदकों ने पहले ही निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन जमा कर दिए हैं, उन्हें दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है और उनके पुराने आवेदन मान्य रहेंगे। हालांकि यदि कोई आवेदक अपने अतिरिक्त कार्यों का विवरण जोड़ना चाहता है तो वह नया आवेदन प्रस्तुत कर सकता है। ऐसी स्थिति में केवल नए आवेदन पर ही विचार किया जाएगा। 31 अगस्त 2026 के बाद प्राप्त किसी भी आवेदन को स्वीकार नहीं किया जाएगा।















