ढाका, 13 जुलाई।
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि यदि वह आत्मसमर्पण करती हैं तो मौजूदा कानून के तहत सबसे पहले उन्हें जेल भेजा जाएगा। सरकार ने यह भी कहा कि भारत से उनके प्रत्यर्पण के लिए कूटनीतिक प्रयास लगातार जारी हैं।
बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद इस्लाम ने विदेश मंत्रालय में पत्रकारों से कहा कि शेख हसीना पहले ही एक मामले में दोषी ठहराई जा चुकी हैं। इसलिए उनकी ओर से दिए जा रहे बयानों पर सरकार को विचार करने की आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने कहा कि शेख हसीना चाहे भारत में आत्मसमर्पण करें या बांग्लादेश में, कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें सबसे पहले जेल जाना होगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई कानून के अनुसार की जाएगी।
शमा ओबैद इस्लाम ने बताया कि बांग्लादेश सरकार मौजूदा प्रत्यर्पण संधि के तहत भारत से शेख हसीना को सौंपने का औपचारिक अनुरोध पहले ही कर चुकी है। उनकी वापसी सुनिश्चित करने के लिए कूटनीतिक स्तर पर प्रयास जारी हैं और बांग्लादेश लौटने के बाद उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया के अनुरूप होगी।
शेख हसीना के दिसंबर में बांग्लादेश लौटने संबंधी हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि यह बयान संभवतः देश से बाहर या भूमिगत हो चुके अवामी लीग के नेताओं और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने का प्रयास है।
उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पण करने के बजाय विदेश से दिए जा रहे उनके बयान छिपे हुए या देश छोड़ चुके अवामी लीग नेताओं और कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित करने की कोशिश प्रतीत होते हैं।
हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शेख हसीना कब और कहां आत्मसमर्पण करती हैं, यह उनका व्यक्तिगत निर्णय है। सरकार का दायित्व उनकी वापसी सुनिश्चित करना और कानून के अनुसार आगे की प्रक्रिया को पूरा करना है।















