कोलकाता, 13 जुलाई।
पश्चिम बंगाल में दक्षिण-पश्चिम मानसून के पूरी तरह से सक्रिय होने के कारण राज्य के अधिकांश इलाकों में मौसम का मिजाज बदल गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने सोमवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों में रुक-रुक कर भारी वर्षा की चेतावनी जारी करते हुए आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है। आज पूरे राज्य में आसमान पर बादलों का बसेरा रहेगा और कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ मूसलाधार बौछारें पड़ने के आसार हैं।
तापमान की बात करें तो अधिकतम पारा 31 से 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 से 27 डिग्री सेल्सियस के दायरे में रहने की संभावना है। हवा में आर्द्रता की मात्रा 80 से 90 प्रतिशत तक बनी रह सकती है, जिससे वातावरण में भारीपन और उमस का अनुभव होगा। छह से आठ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली दक्षिण-पूर्वी और पश्चिमी हवाएं मौसम को और अधिक चुनौतीपूर्ण बना सकती हैं, हालांकि वर्षा के कारण वायु गुणवत्ता बेहतर बनी रहेगी।
कोलकाता, हावड़ा, हुगली और दोनों 24 परगना जिलों में दिनभर बादलों की आवाजाही के साथ मध्यम से भारी वर्षा का पूर्वानुमान है। इसके अलावा पूर्व एवं पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, बांकुड़ा और पुरुलिया में भी गरज के साथ तेज बौछारें पड़ने का अनुमान लगाया गया है। उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार जैसे पर्वतीय व तराई क्षेत्रों में मानसून का रौद्र रूप दिखाई दे रहा है, जहां मध्यम से भारी वर्षा होने की पूरी संभावना है।
मालदा, उत्तर और दक्षिण दिनाजपुर, मुर्शिदाबाद, नदिया, बीरभूम तथा बर्दवान के दोनों जिलों में भी रुक-रुक कर वर्षा का दौर चलता रहेगा। क्षेत्रीय मौसम विभाग के अनुसार, इस पूरे सप्ताह राज्य के अधिकांश हिस्सों में मानसून अपनी सक्रियता बनाए रखेगा। मौसम की हर गतिविधि पर बारीक नजर रखी जा रही है और आधिकारिक सूचनाओं के आधार पर स्थिति का निरंतर आकलन किया जा रहा है।















