भोपाल, 13 जुलाई।
मध्य प्रदेश के सभी शासकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों तथा महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को नशा मुक्ति के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान 15 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक संचालित होगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने और समाज में नशा मुक्ति के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना है।
जनसंपर्क अधिकारी राजेश दहिमा ने सोमवार को बताया कि उच्च शिक्षा विभाग ने सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को अभियान के तहत निर्धारित समयावधि में जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। अभियान के दौरान विद्यार्थी, एनसीसी कैडेट्स और स्काउट-गाइड युवा नशा मुक्त समाज का संदेश देंगे। अभियान की शुरुआत 15 जुलाई से होगी। इस दौरान जागरूकता रैली और ड्रग अवेयरनेस रन का आयोजन किया जाएगा। साथ ही स्थानीय मीडिया के माध्यम से जागरूकता संदेश प्रसारित किए जाएंगे और नशा मुक्ति से संबंधित पम्पलेट वितरित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को नशा मुक्त जीवन की शपथ भी दिलाई जाएगी। इसके साथ ही विद्यार्थियों द्वारा नशे के विरुद्ध जनजागरूकता के लिए रील्स और शॉर्ट फिल्म तैयार कर उनका प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अलावा नशा मुक्ति विषय पर विशेष व्याख्यान और डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शन भी आयोजित किए जाएंगे।
अभियान के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों के आसपास तंबाकू, सिगरेट और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री रोकने के प्रति भी जागरूकता बढ़ाई जाएगी। जागरूकता अभियान के अंतर्गत चित्रकला, निबंध, पेंटिंग, स्लोगन, रंगोली और पोस्टर प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा, जिनके माध्यम से विद्यार्थी नशा मुक्ति का संदेश देंगे। इन गतिविधियों में विद्यार्थियों के साथ अभिभावकों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। अभियान का उद्देश्य युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित करना और शिक्षण संस्थानों की सहभागिता से नशा मुक्त समाज के निर्माण को बढ़ावा देना है।















