जयपुर, 13 जुलाई।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने ऊंट संरक्षण योजना के तहत अनुदान राशि जारी कराने के नाम पर रिश्वत मांगने के मामले में जैसलमेर जिले के मोहनगढ़ स्थित राजकीय प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय में ट्रैप कार्रवाई करते हुए एक पशु चिकित्सक और एक पशुधन निरीक्षक को गिरफ्तार किया है। आरोपितों ने दो आवेदनों के सत्यापन, टैगिंग और ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कर अनुदान राशि खातों में दिलाने के बदले 4 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। इनमें से 1000 रुपये पहले ऑनलाइन ले चुके थे, जबकि शेष 3000 रुपये लेते समय उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया गया।
एसीबी की अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि एसीबी हेल्पलाइन पर मिली शिकायत में परिवादी ने बताया था कि उसने और उसके भाई ने राज्य सरकार के पशुपालन विभाग की ऊंट संरक्षण योजना के तहत आवेदन किया था। योजना के अनुसार गर्भवती ऊंटनी के संरक्षण के लिए प्रसव पूर्व तथा प्रसव के बाद ऊंटनी और उसके बच्चे के लिए 10-10 हजार रुपये की दो किस्तों का अनुदान दिया जाना था।
शिकायत के अनुसार, मोहनगढ़ स्थित राजकीय प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय में पदस्थ पशु चिकित्सक डॉ. राघव डोई और पशुधन निरीक्षक सोनू रैगर ने दोनों आवेदनों के सत्यापन, ऊंटनी और उसके बच्चे की टैगिंग तथा आवेदन ऑनलाइन कर अनुदान राशि बैंक खातों में दिलाने के बदले प्रति आवेदन 2 हजार रुपये, यानी कुल 4 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। आरोप है कि पशुधन निरीक्षक सोनू रैगर पहले ही फोन-पे के माध्यम से 1000 रुपये प्राप्त कर चुका था।
शिकायत का सत्यापन होने के बाद एसीबी रेंज जोधपुर के उप महानिरीक्षक पुलिस नारायण टोगस के पर्यवेक्षण में बाड़मेर एसीबी इकाई ने ट्रैप कार्रवाई की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेन्द्र कुमार के नेतृत्व में टीम ने सोमवार को मोहनगढ़ पशु चिकित्सालय में जाल बिछाया। कार्रवाई के दौरान आरोप है कि डॉ. राघव डोई के कहने पर पशुधन निरीक्षक सोनू रैगर ने परिवादी से शेष 3000 रुपये रिश्वत के रूप में लेकर अपने लोअर की जेब में रख लिए। इसी दौरान एसीबी टीम ने दोनों आरोपितों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। रिश्वत की 3000 रुपये की राशि भी बरामद कर ली गई। मामले में दोनों आरोपितों से पूछताछ जारी है।















