यरूशलेम, 13 जुलाई।
इजरायल की संसद, जिसे नेसेट कहा जाता है, ने घोषणा की है कि इस वर्ष 27 अक्टूबर को राष्ट्रीय चुनाव कराए जाएंगे। इन चुनावों को गाजा युद्ध शुरू होने के बाद से प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व पर एक जनमत संग्रह के रूप में देखा जा रहा है।
नेसेट का वर्तमान सत्र शुक्रवार को अपनी आखिरी बैठक के साथ संपन्न होगा। इसके साथ ही नेतन्याहू की गठबंधन सरकार पिछले पांच दशकों में चार साल का पूर्ण कार्यकाल पूरा करने वाली पहली सरकार बन जाएगी। संसद ने स्पष्ट किया है कि कार्यकाल पूरा होने से पहले सदन को भंग करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
इजरायल के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे 76 वर्षीय नेतन्याहू ने जून में ही आगामी चुनाव लड़ने की पुष्टि कर दी थी। अक्टूबर 2023 के हमास हमलों के बाद से उन्हें भारी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। आलोचकों का आरोप है कि सुरक्षा में खामियों के कारण ही हमास के लड़ाके सीमा पार करने में सफल रहे और उन्होंने 251 लोगों को बंधक बनाया।
इस चुनाव में इजरायल रक्षा बलों के पूर्व चीफ ऑफ स्टाफ गडी आइसेनकोट, नेतन्याहू के मुख्य प्रतिद्वंद्वी बनकर उभरे हैं। चैनल 13 के एक हालिया सर्वेक्षण में आइसेनकोट की यशर पार्टी, नेतन्याहू की लिकुड पार्टी से मामूली बढ़त बनाए हुए है।
आइसेनकोट पहले नेतन्याहू के युद्ध मंत्रिमंडल में शामिल थे, लेकिन जून 2024 में उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने अपने इस्तीफे के पीछे सरकार द्वारा गाजा में निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने में विफलता को मुख्य कारण बताया था।














