भोपाल, 14 जुलाई।
प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए उनसे इस मुद्दे पर अपना रुख साफ करने की मांग की है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस हर महत्वपूर्ण विषय को सिर्फ वोट बैंक और हिंदू-मुस्लिम की राजनीति के नजरिए से देखती है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का इस मसले पर खामोश रहना उनके दोहरे चरित्र को उजागर करता है।
उच्च स्तरीय समिति ने 13 जुलाई को सरकार को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप दी है। मुख्यमंत्री ने समिति के सदस्यों के प्रयासों की सराहना की और कहा कि रिपोर्ट मिलने के बाद अब आगे की प्रक्रिया पर विचार किया जाएगा।
यह रिपोर्ट तीन भागों में तैयार हुई है। पहले भाग में सुझाव और अनुशंसाएं हैं, जबकि दूसरे हिस्से में विधेयक का प्रारूप शामिल है। इसमें चार भाग और 404 धाराएं हैं।
तीसरे खंड में 9.58 लाख से अधिक नागरिकों से मिले सुझावों का विस्तृत विश्लेषण किया गया है। समिति ने अपनी सिफारिशों में अनुसूचित जनजातियों को इस संहिता के दायरे से बाहर रखने की बात कही है।















