देहरादून, 14 जुलाई।
देहरादून में अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। जिलाधिकारी आशीष चौहान ने 'प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना' के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 124.94 लाख रुपये की जिला कार्ययोजना को स्वीकृति दे दी है। इस योजना का प्रस्ताव अब अंतिम मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा गया है, जिससे जिले के 465 युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।
इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य फोकस 'ग्रांट-इन-एड' घटक के जरिए युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ना है। इसके तहत, 175 बेरोजगार युवक-युवतियों को अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए 87.55 लाख रुपये की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इतना ही नहीं, बाजार की बदलती जरूरतों को देखते हुए 290 शिक्षित युवाओं को विशेष कौशल विकास प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि वे न केवल प्रशिक्षित हों, बल्कि उन्हें सम्मानजनक रोजगार भी मिल सके।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जैसे ही केंद्र सरकार से योजना को हरी झंडी मिलती है, लाभार्थियों का चयन पूरी तरह से पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किया जाए। उन्होंने जोर दिया कि सरकारी सहायता का लाभ बिना किसी देरी के वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचना चाहिए ताकि उनका आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित हो सके।
जिला समाज कल्याण विभाग इस पूरी कवायद में जुटा हुआ है। विभाग के अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल का कहना है कि केंद्र से मंजूरी मिलते ही युवाओं के चयन, उनकी ट्रेनिंग और स्वरोजगार के लिए अनुदान बांटने की प्रक्रिया युद्ध स्तर पर शुरू कर दी जाएगी। विभाग का मुख्य उद्देश्य जिले के युवाओं को नई आजीविका से जोड़कर उन्हें विकास की मुख्यधारा में लाना है।















