चित्रकूट, 14 जुलाई।
भगवान राम की पावन तपोभूमि चित्रकूट में अब प्रकृति और आध्यात्मिकता के मेल से एक अनूठी पहल शुरू होने जा रही है। देवल कुटी में स्वामी धर्मानंद ने तपोवन वृक्ष मंदिर बनाने का संकल्प लिया है। मंदाकनी नदी के तट पर स्थित इस कुटी की चार बीघा भूमि पर औषधीय और फलदार पौधे लगाए जाएंगे।
स्वामी धर्मानंद, जिन्हें ग्रामीण तपस्वी बाबा के नाम से जानते हैं, लंबे समय से यहां साधना कर रहे हैं। उनका उद्देश्य है कि इस स्थान को एक ऐसे शांत और जीवंत वन के रूप में विकसित किया जाए, जहां साधु-संतों को साधना के लिए बेहतर वातावरण मिले। यह पूरा कार्य पूरी तरह से श्रमदान के माध्यम से संपन्न किया जाएगा।
तपस्वी बाबा के अनुसार, चित्रकूट की आध्यात्मिक पहचान को कंक्रीट के निर्माणों से नुकसान पहुंच रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए वृक्ष मंदिर की अवधारणा को अपनाया गया है। उनका मानना है कि यह स्थान भविष्य में क्षेत्र के लिए एक बड़े ऑक्सीजन प्लांट के रूप में कार्य करेगा, जहाँ बच्चे योग का अभ्यास भी कर सकेंगे।
इस अभियान को सरकार के वृक्षारोपण महा अभियान से जोड़ने की भी योजना है। वृक्षमित्र अभिमन्यु भाई और अन्य स्वयंसेवकों के साथ मिलकर इस संकल्प को धरातल पर उतारने की तैयारी है। इसके लिए जल्द ही विभिन्न आध्यात्मिक स्थलों पर गोष्ठियाँ आयोजित कर समाज को इस तपोवन संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।















