लातेहार, 14 जुलाई।
लातेहार पुलिस ने प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के रीजनल कमेटी सदस्य और 20 लाख रुपये के इनामी माओवादी रविंद्र गंझू को गिरफ्तार कर लिया है। उसके कब्जे से एक एके-56 राइफल, एक पिस्टल, एक अन्य राइफल, 239 कारतूस और नक्सली गतिविधियों से जुड़ी अन्य सामग्री बरामद की गई है। रविंद्र गंझू लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र के हेसला बांझीटोला गांव का निवासी है।
मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि रविंद्र गंझू अपने घर पहुंचा हुआ है। सूचना मिलते ही कोबरा-209 बटालियन के उप कमांडेंट दीपक कुमार के नेतृत्व में पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने घर की घेराबंदी कर छापेमारी की और बिना किसी क्षति के उसे गिरफ्तार कर लिया।
एसपी के अनुसार रविंद्र गंझू पिछले 16 वर्षों से माओवादी संगठन में सक्रिय था और संगठन के प्रमुख सदस्यों में शामिल था। उस पर 18 पुलिसकर्मियों की हत्या का आरोप है। इसके अलावा लातेहार, पलामू, लोहरदगा, गुमला और रांची सहित विभिन्न जिलों के थानों में नक्सली हिंसा, हत्या, विस्फोट और हथियार लूट से जुड़े 154 से अधिक मामले दर्ज हैं।
उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान रविंद्र गंझू से कई अहम जानकारियां प्राप्त हुई हैं। इन्हीं सूचनाओं के आधार पर संगठन के अन्य सदस्यों और उनकी गतिविधियों के संबंध में आगे की कार्रवाई जारी है।
एसपी कुमार गौरव ने कहा कि सुरक्षा बलों के लगातार चलाए जा रहे अभियानों से माओवादी संगठन काफी कमजोर हुआ है। उन्होंने क्षेत्र में सक्रिय शेष उग्रवादियों से आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने की अपील करते हुए कहा कि सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाने का यह उपयुक्त समय है।
प्रेस वार्ता में मौजूद सीआरपीएफ के डीआईजी पंकज कुमार ने कहा कि क्षेत्र में सक्रिय बचे हुए नक्सलियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि उग्रवादियों के पास आत्मसमर्पण का अवसर है, अन्यथा कानून के तहत उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रविंद्र गंझू से जुड़ी प्रमुख घटनाओं में 7 नवंबर 2011 को राजकीय मध्य विद्यालय परिसर में पुलिस दल पर हमला कर बम विस्फोट से स्कूल भवन को ध्वस्त करना, जिसमें सात जवान घायल हुए। 1 फरवरी 2012 को घाघू में आईईडी विस्फोट कर सुरक्षाबलों के वाहन को उड़ाना, जिसमें तीन पुलिसकर्मी शहीद हुए। 7 जनवरी 2013 को कटिया जंगल मुठभेड़ में 11 सीआरपीएफ जवान शहीद और 15 घायल हुए। 12 जून 2013 को कुमण्डीह रेलवे स्टेशन के पास मालगाड़ी की आड़ लेकर करीब 45 मिनट तक पुलिस पर फायरिंग की गई। 22 नवंबर 2019 को चंदवा में पीसीआर वैन पर हमला कर चार गृहरक्षक शहीद किए गए और हथियार लूटे गए। 16 जनवरी 2021 को बंदरलेटा जंगल में लैंडमाइन विस्फोट में सांझो देवी की मौत हुई। 20 नवंबर 2021 को डेमू-रिचुघुटा रेलखंड पर विस्फोट कर रेलवे ट्रैक को क्षतिग्रस्त किया गया। 14 मई 2022 को लेवी नहीं मिलने पर बॉस्करचा प्लांट में नौ वाहनों में आग लगा दी गई।















