कोलकाता, 14 जुलाई।
पश्चिम बंगाल में ग्रामीण विकास और कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। मंगलवार को नवान्न में आयोजित बैठक के बाद केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि राज्य में संचालित 125 दिन की रोजगार योजना जी-राम-जी योजना के तहत न्यूनतम मजदूरी बढ़ाई गई है। इसके साथ ही योजना के लिए 31 मार्च तक 8,500 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने की घोषणा की गई।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राज्य में अब तक 2.56 करोड़ जॉब कार्ड धारकों की पहचान पूरी की जा चुकी है। जिन पात्र लोगों के पास अभी तक जॉब कार्ड नहीं है, उनके आवेदन भी स्वीकृत किए जा सकें, इसके लिए अधिकारियों को आवश्यक नीतिगत निर्णय लेने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पश्चिम बंगाल को एक लाख नए आवासों की स्वीकृति मिली है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के अनुरोध पर लाभार्थियों की सूची तैयार करने की अंतिम तिथि 15 अगस्त तक बढ़ा दी गई है, ताकि मानसून और अन्य परिस्थितियों के बावजूद सभी पात्र लोगों को इसमें शामिल किया जा सके।
बैठक में ग्रामीण विकास, कृषि और आधारभूत ढांचे से जुड़े कई अन्य फैसलों पर भी सहमति बनी। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत राज्य में 2,400 किलोमीटर नई सड़कों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इसके पहले चरण के लिए 1,000 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
कृषि क्षेत्र को अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए राज्य की कृषि योग्य भूमि का वैज्ञानिक परीक्षण कराया जाएगा। इसके आधार पर विभिन्न जिलों में मिट्टी की गुणवत्ता के अनुरूप फसल उत्पादन की योजना तैयार होगी। इस कार्य के लिए चार प्रशिक्षण केंद्र और अनुसंधान प्रयोगशालाएं स्थापित करने को भी मंजूरी दी गई है।
मालदा में आम, लीची और अन्य फलों के उत्पादन को प्रोत्साहन देने के लिए 100 करोड़ रुपये की परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई है। साथ ही पश्चिम बंगाल में आलू और जूट के बीज उत्पादन को बढ़ावा देने की योजना भी बनाई गई है, ताकि अन्य राज्यों पर निर्भरता कम हो सके। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पूर्वी भारत के लिए पश्चिम बंगाल को बीज उत्पादन का प्रमुख केंद्र विकसित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने दार्जिलिंग, अलीपुरद्वार, बीरभूम और पुरुलिया जिलों में प्रधानमंत्री धन-धान्य परियोजना लागू करने का निर्णय लिया है।
बैठक के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती राज्य सरकार के कार्यकाल में केंद्र की कई विकास योजनाओं को अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। उन्होंने कहा कि इसके कारण रेल, सड़क, राष्ट्रीय राजमार्ग और मेट्रो सहित लगभग 82,492 करोड़ रुपये की आधारभूत संरचना परियोजनाएं लंबे समय तक अधूरी रहीं। उनके अनुसार, राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आई है और केंद्र तथा राज्य सरकार मिलकर विकास कार्यों को आगे बढ़ा रहे हैं।















