बलिया, 14 जुलाई।
बलिया की राजनीति में भाजपा की नींव को मजबूती प्रदान करने वाले नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन हरेराम चौधरी का सोमवार की मध्यरात्रि निधन हो गया। 83 वर्षीय हरेराम चौधरी लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और उनके पुत्र राजीव मोहन चौधरी ने बताया कि उन्होंने रात करीब 11:30 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन की सूचना मिलते ही पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई है।
हरेराम चौधरी का व्यक्तित्व सादगी और ईमानदारी की मिसाल था। छात्र जीवन में लखनऊ विश्वविद्यालय से ही उन्होंने एबीवीपी के बैनर तले छात्रसंघ चुनाव लड़कर राजनीति में कदम रखा था। आपातकाल के दौरान उन्होंने 19 महीने का लंबा कारावास भी भोगा। बाद में सक्रिय राजनीति में जुड़कर उन्होंने भाजयुमो के प्रथम प्रदेश संगठन मंत्री के तौर पर अपनी अहम भूमिका निभाई। इस दौरान उन्होंने कलराज मिश्र, अटल बिहारी वाजपेयी और कल्याण सिंह जैसे कद्दावर नेताओं के साथ काम किया।
वर्ष 1980 और 1989 में उन्होंने भाजपा के टिकट पर सदर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा। यद्यपि इन दोनों चुनावों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन बलिया में पार्टी को खड़ा करने का श्रेय उन्हें ही दिया जाता है। वर्ष 1995 में नगर पालिका चुनाव में जनता ने उन पर विश्वास जताया और वे जीत हासिल करने में सफल रहे। वकालत और राजनीति के क्षेत्र में उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा।
उनके निधन पर भाजपा सहित अन्य सभी राजनीतिक दलों के नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है। वे न केवल एक कुशल राजनेता थे, बल्कि एक निष्ठावान स्वयंसेवक भी थे जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन संगठन की सेवा में समर्पित कर दिया। उनका जाना बलिया के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।















