नई दिल्ली, 14 जुलाई।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राज्य में निवेश को नई रफ्तार देने के लिए दिल्ली पहुंच चुके हैं। आज से 17 जुलाई तक आयोजित 'भारत टैक्स-2026' में वे देश-दुनिया के बड़े टेक्सटाइल दिग्गजों से संवाद करेंगे। भारत मंडपम में आयोजित इस चार दिवसीय कार्यक्रम में मध्य प्रदेश का एक विशेष पेवेलियन तैयार किया गया है, जो राज्य की औद्योगिक नीतियों और आधुनिक अधोसंरचना को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करेगा।
मुख्यमंत्री इस दौरान कई बड़ी टेक्सटाइल और गारमेंट कंपनियों के सीईओ के साथ एकल बैठकें करेंगे। इन चर्चाओं का मुख्य केंद्र रोजगार सृजन, निर्यात को बढ़ावा देना और तकनीक के क्षेत्र में आपसी सहयोग होगा। इस दौरान केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह भी मौजूद रहेंगे। राज्य का लक्ष्य टेक्सटाइल, फुटवियर और गारमेंट सेक्टर में भारी-भरकम पूंजी आकर्षित करना है।
इस आयोजन के दौरान राज्य सरकार कई अहम समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर करेगी। मुख्यमंत्री का विशेष जोर राज्य में निवेश की संभावनाओं को भुनाने पर है। साथ ही, वे निवेशकों को जनवरी 2027 में भोपाल में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए आधिकारिक रूप से आमंत्रित भी करेंगे। अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने इस समिट को लेकर पहले ही अपनी उत्सुकता जाहिर कर दी है।
'भारत टैक्स-2026' में एक राउंड टेबल चर्चा भी होगी, जिसमें सौ से अधिक उद्योगपति और निवेशक शामिल होंगे। इसमें लॉजिस्टिक्स, सतत विनिर्माण और वैश्विक प्रतिस्पर्धा जैसे विषयों पर मंथन किया जाएगा। इन सुझावों से राज्य अपनी भविष्य की औद्योगिक रणनीति को और अधिक मजबूत बनाएगा। मध्य प्रदेश सरकार का दावा है कि राज्य में कपास की खेती से लेकर गारमेंट निर्माण तक की पूरी वैल्यू चेन मौजूद है।
मुख्यमंत्री निवेशकों को धार जिले में बन रहे पीएम मित्र पार्क की खूबियों से भी अवगत कराएंगे। लगभग 2,158 एकड़ में फैला यह पार्क निवेशकों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र होगा। सरकार की ओर से निवेशकों को भूमि रियायतें, ब्याज अनुदान और विद्युत शुल्क में छूट जैसी सुविधाएं देने का वादा भी दोहराया जाएगा, ताकि मध्य प्रदेश को देश का सबसे पसंदीदा टेक्सटाइल हब बनाया जा सके।















