देवरिया, 14 जुलाई।
देवरिया के जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने मंगलवार की सुबह रामपुर कारखाना और देसही देवरिया विकासखंड के पांच विद्यालयों का अचानक औचक निरीक्षण कर शिक्षा तंत्र की पोल खोल दी। इस दौरान स्कूलों में बच्चों की कम उपस्थिति और डिजिटल उपस्थिति (अटेंडेंस) में बरती जा रही लापरवाही को देखकर डीएम का पारा चढ़ गया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से व्यवस्था सुधारने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।
डीएम ने परसा बरवा, परासिया मल, दीघवा पौटवा, बेलवा और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का दौरा किया। बेलवा में उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र की गतिविधियों को भी परखा। अधिकांश स्कूलों में शिक्षक तो मौजूद मिले, लेकिन डिजिटल अटेंडेंस की प्रक्रिया लचर पाई गई। जिलाधिकारी ने खंड शिक्षा अधिकारी को स्पष्ट आदेश दिए कि हर हाल में शिक्षकों और विद्यार्थियों की सौ फीसदी उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। साथ ही, लापरवाह शिक्षकों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस थमाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने शासन की प्राथमिकताओं को दोहराते हुए कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को हासिल करने पर जोर दिया और विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाने की बात कही। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक बच्चे की नियमित उपस्थिति दर्ज हो और पठन-पाठन की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में डीएम ने छात्राओं से गणित के सवाल पूछकर उनके ज्ञान को परखा। वहां शिक्षण व्यवस्था संतोषजनक मिलने पर उन्होंने शिक्षकों की पीठ थपथपाई। अंत में उन्होंने दोहराया कि प्राथमिक शिक्षा ही समाज की आधारशिला है, इसलिए सभी अधिकारी और शिक्षक अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी समझें और बच्चों को निपुण बनाने के लक्ष्य को प्राथमिकता पर रखें।















