दंतेवाड़ा, 14 जुलाई।
दंतेवाड़ा जिले की कुआकोंडा थाना पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए बैंक खाते किराये पर उपलब्ध कराने के आरोप में दो म्यूल अकाउंट धारकों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों की पहचान दीपेश कुंजाम (22) और चेतन कुंजाम (23) के रूप में हुई है।
पुलिस जांच में दोनों आरोपितों के बैंक खातों में साइबर ठगी से जुड़े 5,29,898 रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेनदेन का खुलासा हुआ है। दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(4) और 318(2) के तहत कार्रवाई करते हुए मंगलवार को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन सिंह के निर्देशन में साइबर सेल से प्राप्त संदिग्ध म्यूल अकाउंट की सूचना के आधार पर कुआकोंडा थाना पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और विस्तृत जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि दीपेश कुंजाम और चेतन कुंजाम अपने बैंक खाते, पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड अन्य लोगों को किराये पर उपलब्ध कराते थे। इन खातों का उपयोग साइबर अपराध से प्राप्त रकम के अवैध हस्तांतरण और निकासी के लिए किया जाता था। इसके बदले दोनों आरोपित कमीशन के रूप में आर्थिक लाभ प्राप्त करते थे। वित्तीय जांच में दोनों के खातों में कुल 5.29 लाख रुपये का संदिग्ध लेनदेन मिलने के बाद दस्तावेजी और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक भीमार्जुन नाथ तांडी, उप निरीक्षक खोमन सिंह कोर्राम, सहायक उप निरीक्षक संतोष यादव, प्रधान आरक्षक भरत नेताम, मनोज तिवारी तथा आरक्षक संत्यवान कुमार राही की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दंतेवाड़ा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, पासबुक, चेकबुक या एटीएम कार्ड किराये पर अथवा उपयोग के लिए उपलब्ध न कराएं। पुलिस ने चेतावनी दी कि साइबर अपराधी कमीशन और लालच का झांसा देकर लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल अवैध लेनदेन के लिए करते हैं, जिससे खाताधारक भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकता है। ऐसे किसी भी प्रस्ताव की जानकारी तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या निकटतम पुलिस थाना अथवा साइबर थाना को देने की अपील की गई है।















