जबलपुर, 14 जुलाई।
मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के माढ़ोताल थाना क्षेत्र स्थित रिमझा के सेंट अलॉयसियस स्कूल में मंगलवार को कथित धर्मांतरण के आरोपों को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। मामले की जानकारी मिलने पर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता स्कूल परिसर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए माहौल शांत कराया।
प्रदर्शन कर रहे संगठनों का आरोप है कि स्कूल में कार्यरत कुछ हिंदू कर्मचारियों पर चर्च आने और धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया जा रहा था। उनका कहना है कि धर्म परिवर्तन से इनकार करने वाले कर्मचारियों को प्रताड़ित किया जाता है और नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है।
संगठनों के अनुसार, स्कूल की एक महिला कर्मचारी ने शिकायत की है कि फादर सोमी जैकब ने उस पर बार-बार चर्च आने और धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया। आरोप है कि विरोध करने पर महिला के साथ अभद्र व्यवहार किया गया, मारपीट की गई और बाद में उसकी नौकरी समाप्त कर दी गई।
स्कूल में सफाई कर्मचारी के रूप में कार्यरत राजेश कुमार ने भी इसी प्रकार के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वह पिछले 12 वर्षों से स्कूल में कार्यरत हैं, लेकिन बीते तीन महीनों से उन पर प्रतिदिन चर्च जाकर प्रार्थना करने और धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें रविवार और अन्य सरकारी अवकाश के दिनों में भी काम के लिए बुलाया जाता था।
हिंदू संगठनों का कहना है कि कर्मचारियों की शिकायत मिलने के बाद करीब 100 कार्यकर्ता स्कूल पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी, लेकिन माढ़ोताल थाना पुलिस के हस्तक्षेप के बाद हालात सामान्य हो गए।
प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा संस्थान की आड़ में कथित धर्मांतरण कराने के प्रयास का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल स्कूल प्रबंधन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों से जानकारी जुटाई जा रही है। प्राप्त शिकायतों और जांच के आधार पर आगे की नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।















