नई दिल्ली, 14 जुलाई।
कारगिल विजय दिवस की रजत जयंती की तैयारियों के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को दिल्ली के नेशनल वॉर मेमोरियल से शौर्य विजय यात्रा को रवाना किया। इस विशेष अभियान में शामिल 28 बाइक राइडर्स आगामी 13 दिनों में 1,900 किलोमीटर का दुर्गम सफर तय कर कारगिल पहुंचेंगे।
रक्षा मंत्री ने देश के वीर सपूतों को याद करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी भारतीय सेना के पराक्रम ने दुनिया को अचरज में डाल दिया था। माइनस 40 डिग्री तापमान और 20 हजार फीट की ऊंचाई पर तिरंगा फहराने वाले सैनिकों का साहस आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत है।
इस यात्रा का मुख्य ध्येय 'वन राइड, वन नेशन, वन सैल्यूट' है। अपने सफर के दौरान राइडर्स रेजांगला, चंडीमंदिर और लेह स्थित वॉर मेमोरियल पर शहीदों को नमन करेंगे। वे विभिन्न स्थानों पर वीर नारियों से भेंट कर उनका सम्मान भी करेंगे।
अभियान के समापन पर राइडर्स नेशनल वॉर मेमोरियल की पावन मिट्टी कारगिल लेकर जाएंगे, जिसे वहां के स्मारक पर अर्पित किया जाएगा। यह मिट्टी का मिलन देश की वर्तमान पीढ़ी और शहीदों की अमर गाथा के बीच एक सेतु का काम करेगा।
फ्लैग-ऑफ कार्यक्रम में सीडीएस जनरल एनएस राजा सुब्रमणि और सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ समेत कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मौजूद थे। इस यात्रा का मकसद युवाओं में राष्ट्रप्रेम की भावना को और अधिक प्रगाढ़ बनाना है।















