नई दिल्ली, 21 जुलाई।
यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना हुए वाणिज्यिक पोत एमवी गोल्डन लियो पर हुए हमले में चार भारतीय नागरिकों की मौत के बाद भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को रूस के प्रभारी राजदूत (चार्जे डी'अफेयर्स) व्लादिमीर लादानोव को तलब कर इस घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराया और वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाए जाने की निंदा की।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि 19 जुलाई को हुए हमले में चार भारतीय नागरिकों की जान गई। मंत्रालय ने रूसी राजनयिक के समक्ष भारत की गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षा, संरक्षा और स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती हैं। साथ ही उनसे भारत की आपत्ति और चिंता से रूसी अधिकारियों को अवगत कराने का आग्रह भी किया गया।
मंत्रालय ने स्पष्ट कहा कि वाणिज्यिक जहाजों पर हमला और निर्दोष नागरिकों की मौत पूरी तरह अस्वीकार्य है। भारत ने दोहराया कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना सभी पक्षों की साझा जिम्मेदारी है और ऐसे हमलों से हर हाल में बचा जाना चाहिए।
जानकारी के अनुसार, एमवी गोल्डन लियो रविवार को यूक्रेन के दक्षिणी शहर ओडेसा से रवाना हुआ था। यात्रा के दौरान जहाज पर मिसाइल हमला हुआ, जिससे उसमें आग लग गई। पोत पर कुल 17 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें पांच भारतीय नागरिक शामिल थे।
हमले में जहाज के नौ चालक दल के सदस्यों और बंदरगाह पर तैनात एक यूक्रेनी पायलट की मौत हो गई। विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि मृतकों में चार भारतीय नागरिक शामिल हैं, जबकि एक अन्य भारतीय गंभीर रूप से घायल है।















