अंबिकापुर, 21 जुलाई।
सरगुजा पुलिस ने ऑनलाइन क्रिप्टोकरेंसी निवेश के नाम पर ठगी करने वाले एक कथित अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह लोगों को कम समय में कई गुना मुनाफे का लालच देकर निवेश के नाम पर रकम वसूलता था। आरोपितों के कब्जे से लैपटॉप, प्रोजेक्टर, मोबाइल फोन, स्पीकर, डायरियां और प्रचार सामग्री जब्त की गई है।
पुलिस के मुताबिक, मामले का खुलासा दरिमा क्षेत्र के इंदरपुर निवासी एक व्यक्ति की शिकायत के बाद हुआ। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसे शेयर बाजार और क्रिप्टोकरेंसी में भारी मुनाफे का झांसा देकर 'बिगेट वॉलेट (एलजीएनएस)' नामक ऐप में निवेश के लिए प्रेरित किया गया। आरोपितों ने दावा किया था कि 10 हजार रुपये का निवेश एक वर्ष में एक लाख रुपये हो जाएगा। शिकायतकर्ता से कथित तौर पर 10 हजार रुपये लेकर उसे अंबिकापुर के एक होटल में आयोजित सेमिनार में शामिल कराया गया।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी और जमीनी जांच के बाद पुलिस ने कांता प्रसाद राजवाड़े (27), राजकुमार पैंकरा (42), जीवन साय टोप्पो (36), फिरोज लकड़ा (35) और मुकेश कुमार गुप्ता (46) को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि उन्हें इस निवेश मॉडल की जानकारी बिलासपुर के कुछ लोगों से मिली थी। पुलिस के अनुसार, आरोपित कथित तौर पर प्ले स्टोर से ऐप डाउनलोड कराकर लोगों से नकद या ऑनलाइन माध्यम से पैसे लेते थे और उन्हें एक फर्जी रिसीविंग एड्रेस पर ट्रांसफर कर देते थे। जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह नेपाल जाकर इस प्रकार के सेमिनार आयोजित करने का तरीका सीखकर आया था।
सरगुजा पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के तार छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों के साथ-साथ कई अन्य राज्यों से भी जुड़े होने की आशंका है। फरार आरोपितों की तलाश जारी है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अत्यधिक मुनाफे का दावा करने वाले किसी भी अनधिकृत ऐप या निवेश योजना में धन लगाने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें।















